ZINDGI KE KUCH PAAL BHAGWAN KE SAATH AND ALL INFORMATIONS
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Wednesday, August 15, 2018
*तपस्या अगर पार्वती की थी* *तो प्रतीक्षा शिव की भी रही होगी* *आँखों में आँसू सीता के थे*
*तपस्या अगर पार्वती की थी*
*तो प्रतीक्षा शिव की भी रही होगी*
*आँखों में आँसू सीता के थे*
*तो तङप राम की भी रही होगी*
*राधा कृष्ण को न पा सकीं*
*तो अधूरे कृष्ण भी रहे होगें*
*जीवन जब ईश्वर के लिए सरल न था*
*तो हम मनुष्यों की औकात ही क्या
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