हे प्रभु!इस जीवन के आरंभ होने से पूर्व मैं किस योनि में था,मैं नही जानता
,,ना ही मैं यह ही जानता हूँ कि इस जीवन के पश्चात मेरा जन्म कौनसी योनि में होगा..मैं बस इतना भर जानता हूँ कि मुझे आपने यह मनुष्य जीवन मुझे प्रदान किया है जिसे मुझे नष्ट नही करना..
निरंतर विषय सेवन या विषय चिंतन से इस मनुष्य देह को मलिन नही करना..मुझे तो इसे परम पवित्र रखना है,,आपके चिंतन से,आपके स्मरण से,गौ मैया की सेवा से,परोपकार से..
हे कन्हैया!मुझे अपने श्री चरणों मे आश्रय दीजिये और अपनी प्यारी भक्ति प्रदान कीजिये..!!
,,ना ही मैं यह ही जानता हूँ कि इस जीवन के पश्चात मेरा जन्म कौनसी योनि में होगा..मैं बस इतना भर जानता हूँ कि मुझे आपने यह मनुष्य जीवन मुझे प्रदान किया है जिसे मुझे नष्ट नही करना..
निरंतर विषय सेवन या विषय चिंतन से इस मनुष्य देह को मलिन नही करना..मुझे तो इसे परम पवित्र रखना है,,आपके चिंतन से,आपके स्मरण से,गौ मैया की सेवा से,परोपकार से..
हे कन्हैया!मुझे अपने श्री चरणों मे आश्रय दीजिये और अपनी प्यारी भक्ति प्रदान कीजिये..!!


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